तपती गर्मी में वागड़ की ख़ूबसूरती को चार चाँद लगाते पलाश के फूल धार्मिक और सेहतमंद भी हैं ! 5:54:00 pm फाल्गुनी रंग बिखरे है लाल-पीले फूल पलाश के , मानो रेगिस्तान में नखलिस्तान का अहसास हैं! बसन्त ऋतू के आगमन के साथ ही फाल्गुनी रंग बिखेरने ...Read More
बांसवाड़ा के ये सराफ ज़िंदगी का जेवर देकर लोगो को बचाते है! 1:21:00 am सराफ नाम सुनते ही हमारे मन में आकर्षक जेवरात के चित्र चमकते हैं. लेकिन हम आपको रु-ब-रु कराते है एक ऐसे सराफ से जो सोने चांदी के जेवर नही...Read More
बांसवाड़ा दशहरा मेले के रंगारंग नज़ारे! 11:29:00 pm - फोटो फीचर: तृपल मेहता बांसवाड़ा का दशहरा मेला पूरे वागड़ में मशहूर हैं. शहर के कुशलबाग मैदान में भरने वाला यह मेला ना सिर्फ खरीदार...Read More
डूंगरपुर शहर में है वागड़ का एक सबसे पुराना खोडियार माता का मंदिर 12:43:00 am - मुकेश द्विवेदी खोड़ियार माता के ज़्यादातर मंदिर वागड़ अंचल से सटे गुजरात में हैं , लेकिन मेवाड़-मालवा- गुजरात की संगम स्थली दक्...Read More
हर महायात्रा के ग़म में शामिल होता है सामलिया का ये काला कुत्ता ! 5:18:00 pm आप सोचते होंगे कि , मोक्ष धाम की ओर प्रस्थान करती अंतिम यात्रा में भला कुत्ते का क्या काम ? लेकिन याद कीजिए योगेश्वर श्रीकृष्ण जब महाभा...Read More
जंगल के बीच कई रहस्य समेटे देवीस्थल और तपोभूमि-पाडवा के गुफा बावसी 5:47:00 pm - राजेंद्र पंचाल , सामलिया वागड़ धरा कई सिद्ध अवधुतो , अघोरियो , साधु-संतो की तपोभूमि भी रही है. दक्षिणी राजस्थान ...Read More
लंका नहीं, डूंगरपुर के रावण का है डंका, राजस्थान से लेकर गुजरात तक 8:17:00 pm फोटो फीचर: मुकेश द्विवेदी वागड़ के कारीगरो ने द...Read More
माही के कारण पुराणो में वागड़ को माहेय प्रदेश कहा गया 4:12:00 am वागड़ की जीवनधारा माही नदी -- डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू हमारे मन में पौराणिक वागड़ के बारे जानने की जिज्ञासा हमेशा बनी रही है. ...Read More
आदिवासी समाज की वागड को अनुपम देन- मांडविया हनुमान मन्दिर 8:04:00 pm मांडविया हनुमान मन्दिर, माण्डव पाल, जिला- डूंगरपुर, राजस्थान वागड़ इलाके का पूर्ण रूप से आदिवासी भाइयों द्वारा संचालित श्री हनुमानजी...Read More