सहज भाव से उपजी लेकिन आपको असहज करती उपेन्द्र सिंह की कविताएँ: ‘मुझे एक घर चाहिए’ 4:09:00 amवह वागड़ अंचल के विभिन्न कॉलेजों में बतौर प्राध्यापक पढ़ाते राजनीतिक विज्ञान हैं , लेकिन गुनगुनाते कविताएँ हैं. ‘ उपेन ’ उपनाम से लिखने वाले ...Read More
गुदगुदी: क्या-क्या रंग न दिखाए साहेब कोरोना ने !! 11:59:00 am बहुत दिलफेंक आशिक है साहेब कोरोनवा!! किसी पर भी आ जाता है। घूंघट को कल तक महान अपराध समझने वाली अच्छी-अच्छी आधुनिकाओं के मुँह पर भी पट...Read More
कुछ ख़ास है वागड का देशी आम 8:45:00 pm हमारे देश में फलो के राजा आम की कई किस्मे पाई जाती हैं. हापुस , रत्नागिरी , लंगड़ा , बादाम, तोतापुरी, केसर आदि आदि. इन्ही आमो के बीच एक...Read More
घुमक्कड़ डायरी: वाराणसी के विश्वनाथ और उनके घाट 7:26:00 pm घुमक्कड़ डायरी में पेश है संस्कृतिकर्मी राजेंद्र कुमार पंचाल का यात्रा वृतांत पिछले दिनों कुम्भ यात्रा के दौरान सनातन धर्म की सांस्कृतिक...Read More
चितरी: ग्रामीणो ने दिया शिक्षको का साथ, तो बदल गए सरकारी स्कूल के हालात !! 12:32:00 am कहते हैं , जहाँ चाह , वहाँ राह ! एक ऐसी ही मिसाल कायम की है गलियाकोट क्षेत्र के चितरी आदर्श उच्च माध्यमिक के प्रधानाचार्य एवम पूरी टी...Read More